RPSC History Mock Test

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प्र. 1: हाल ही में राजस्थान सरकार द्वारा पुरातात्विक स्थलों के संरक्षण हेतु घोषित 'हेरिटेज व पर्यटन सर्किट' (2025-26) के तहत बैराठ सभ्यता को विशेष अनुदान दिया गया है। वर्तमान प्रशासनिक पुनर्गठन के पश्चात् यह ऐतिहासिक स्थल किस नवगठित जिले के अंतर्गत आता है?
सही उत्तर: (b)
व्याख्या:
नए ज़िलों के प्रशासनिक पुनर्गठन के पश्चात् बैराठ (विराटनगर) अब जयपुर या जयपुर ग्रामीण में नहीं, बल्कि 'कोटपूतली-बहरोड़' ज़िले के अंतर्गत आता है।
प्र. 2: कालीबंगा सभ्यता के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
I. यहाँ से फर्श के निर्माण में अलंकृत ईंटों के प्रयोग के साक्ष्य प्राप्त हुए हैं।
II. यहाँ से विश्व में भूकंप के प्राचीनतम साक्ष्य मिले हैं।
III. यह सभ्यता सरस्वती-दृषद्वती नदियों की घाटी में विकसित हुई।
IV. उत्खनन में यहाँ से मातृदेवी की मृण्मूर्तियाँ बहुतायत में प्राप्त हुई हैं।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
सही उत्तर: (a)
व्याख्या:
कथन IV गलत है क्योंकि कालीबंगा से मातृदेवी की मृण्मूर्तियाँ (Terracotta figurines of Mother Goddess) **नहीं** मिली हैं, जो इसे मोहनजोदड़ो व हड़प्पा से अलग करता है। यहाँ का समाज संभवतः पितृसत्तात्मक था।
प्र. 3: नीचे दो कथन दिए गए हैं, एक को अभिकथन (A) और दूसरे को कारण (R) कहा गया है:
अभिकथन (A): प्राचीन काल में आहड़ सभ्यता को 'ताम्रवती नगरी' के नाम से भी जाना जाता था।
कारण (R): आहड़वासियों की अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार तांबे के उपकरणों का बड़े पैमाने पर निर्माण और अन्य केंद्रों को उनका निर्यात करना था।
उपर्युक्त कथनों के आलोक में सही विकल्प का चयन कीजिए:
सही उत्तर: (a)
व्याख्या:
आहड़ को तांबे के उपकरणों के अत्यधिक निर्माण और निर्यात के कारण ही प्राचीन काल में 'ताम्रवती नगरी' कहा जाता था।
प्र. 4: सूची-I (पुरातत्वविद्) को सूची-II (संबंधित उत्खनन स्थल) के साथ सुमेलित कीजिए और नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:
सूची-I
A. अमलानंद घोष
B. एच. डी. सांकलिया
C. आर. सी. अग्रवाल
D. दयाराम साहनी
सूची-II
I. गणेश्वर
II. आहड़
III. कालीबंगा
IV. बैराठ
कूट:
सही उत्तर: (c)
व्याख्या:
अमलानंद घोष (कालीबंगा), एच.डी. सांकलिया (आहड़), आर.सी. अग्रवाल (गणेश्वर), दयाराम साहनी (बैराठ)।
प्र. 5: गणेश्वर सभ्यता के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन असत्य है?
सही उत्तर: (c)
व्याख्या:
यह कथन असत्य है। गणेश्वर सभ्यता में मकान और बांध बनाने के लिए पक्की ईंटों का नहीं, बल्कि **पत्थरों** का प्रयोग किया गया था।
प्र. 6: 'भाब्रू शिलालेख', 'स्वर्ण मंजूषा' (जिसमें बुद्ध के अस्थि अवशेष होने का अनुमान है) और 'शंख लिपि' के प्रचुर साक्ष्य मुख्य रूप से राजस्थान की किस प्राचीन सभ्यता से संबंधित हैं?
सही उत्तर: (b)
व्याख्या:
भाब्रू शिलालेख (अशोक), स्वर्ण मंजूषा (बौद्ध कलश) और शंख लिपि के साक्ष्य बैराठ (विराटनगर) की पहाड़ियों से ही मिले हैं।
प्र. 7: राजस्थान की प्रमुख प्राचीन सभ्यताओं के उनके उद्भव एवं विकास के कालक्रम (प्राचीनतम से नवीनतम) के अनुसार सही क्रम का चयन कीजिए:
सही उत्तर: (b)
व्याख्या:
गणेश्वर सबसे प्राचीन (ताम्रयुगीन, ~2800 ई.पू.), उसके बाद कालीबंगा (कांस्य युगीन, ~2400 ई.पू.), फिर आहड़ (ताम्र-पाषाणिक, ~1900 ई.पू.) और सबसे अंत में बैराठ (लौह युगीन/मौर्यकालीन) आती है।
प्र. 8: निम्नलिखित में से कौन सा युग्म (सभ्यता - उसका उपनाम/स्थानीय नाम) सुमेलित नहीं है?
सही उत्तर: (d)
व्याख्या:
गणेश्वर लौह-युगीन नहीं, बल्कि भारत की **ताम्र-युगीन (Copper Age)** सभ्यताओं की जननी है।
प्र. 9: राजस्थान राज्य अभिलेखागार एवं पुरातत्व विभाग की नवीन 'वर्चुअल म्यूजियम' (2025-26) पहल के तहत, किस सभ्यता स्थल से प्राप्त 'टेराकोटा वृषभ' (बनासियन बुल) की 3D प्रतिकृति को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया है?
सही उत्तर: (c)
व्याख्या:
टेराकोटा से बना वृषभ (बैल की मूर्ति) आहड़ से प्राप्त हुआ है, जिसे पुरातत्वविदों ने 'बनासियन बुल' (Banasian Bull) की संज्ञा दी है।
प्र. 10: निम्नलिखित में से कौन सा समूह 'आहड़ संस्कृति' (बनास संस्कृति) के प्रमुख स्थलों का सही प्रतिनिधित्व करता है?
सही उत्तर: (a)
व्याख्या:
आहड़-बनास संस्कृति का विस्तार मुख्य रूप से उदयपुर, राजसमंद और भीलवाड़ा के क्षेत्रों में था, जिसके प्रमुख स्थल गिलूंड, बालाथल और ओझियाना हैं।
प्र. 11: कालीबंगा में कृषि कार्य के साक्ष्यों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
I. यहाँ से जुते हुए खेत के साक्ष्य नगर के परकोटे के बाहर दक्षिण-पूर्व दिशा में प्राप्त हुए हैं।
II. यहाँ एक साथ दो फसलें (मुख्यतः चना और सरसों) उगाने के प्रमाण मिले हैं।
III. कृषि सिंचाई के लिए पक्की ईंटों से निर्मित नहरों के स्पष्ट पुरातात्विक साक्ष्य मिले हैं।
कूट:
सही उत्तर: (b)
व्याख्या:
कथन III गलत है। कालीबंगा में पक्की ईंटों की नहरों के कोई साक्ष्य नहीं मिले हैं; यहाँ कृषि मुख्य रूप से नदी (घग्गर) और वर्षा पर निर्भर थी।
प्र. 12: वर्ष 2026 के अद्यतन प्रशासनिक आँकड़ों के अनुसार गणेश्वर सभ्यता स्थल 'नीम का थाना' जिले में स्थित है। उत्खनन में यहाँ से प्राप्त ताम्र आयुधों में सर्वाधिक संख्या किस उपकरण की है, जो तत्कालीन समाज के मुख्य व्यवसाय (आखेट) का परिचायक है?
सही उत्तर: (b)
व्याख्या:
गणेश्वर से बड़ी मात्रा में तीर के अग्र भाग और मछली पकड़ने के कांटे (Fish hooks) मिले हैं, जो यह सिद्ध करते हैं कि यहाँ के लोग कृषि के साथ-साथ आखेट (शिकार) पर भी निर्भर थे।
प्र. 13: बैराठ सभ्यता के उत्खनन व खोज के संबंध में नीचे दिए गए कथनों को पढ़ें और सही कूट का चयन करें:
A. इस स्थल का प्रथम वैज्ञानिक उत्खनन 1936-37 में दयाराम साहनी द्वारा किया गया।
B. द्वितीय विस्तृत उत्खनन 1962-63 में नीलरत्न बनर्जी व कैलाशनाथ दीक्षित द्वारा किया गया।
C. यहाँ से इंडो-ग्रीक (हिन्द-यवन) शासक मिनांडर की 16 मुद्राएं प्राप्त हुई हैं।
D. यहाँ से सूती कपड़े में बंधी हुई कुल 36 चांदी की मुद्राएं (पंचमार्क सहित) मिली हैं।
कूट:
सही उत्तर: (d)
व्याख्या:
बैराठ के संबंध में दिए गए चारों कथन पूर्णतः सत्य हैं। यहाँ से कुल 36 मुद्राएं मिली थीं (8 पंचमार्क और 28 इंडो-ग्रीक, जिनमें 16 मिनांडर की थीं)।
प्र. 14: आहड़ सभ्यता की वास्तुकला एवं रहन-सहन के विषय में कौन सा कथन असत्य है?
सही उत्तर: (d)
व्याख्या:
यह कथन असत्य है। आहड़वासी पुनर्जन्म में विश्वास करते थे और मृतकों के साथ मिट्टी के बर्तन और आभूषण दफनाते थे।
प्र. 15: प्राचीन सभ्यताओं और उनके समीप बहने वाली नदियों के युग्मों को सुमेलित कीजिए:
सूची-I (सभ्यता)
A. बैराठ
B. गणेश्वर
C. आहड़
D. कालीबंगा
सूची-II (नदी)
I. घग्गर
II. आयड़ / बेड़च
III. कांतली
IV. बाणगंगा
कूट:
सही उत्तर: (a)
व्याख्या:
बैराठ (बाणगंगा), गणेश्वर (कांतली), आहड़ (आयड़/बेड़च), कालीबंगा (घग्गर/सरस्वती)।
प्र. 16: वर्ष 2026 के राज्य बजट में "राजस्थान पुरातात्विक धरोहर आधुनिकीकरण योजना" के अंतर्गत कालीबंगा संग्रहालय के विस्तार का प्रस्ताव है। पुरातात्विक सामग्री के संरक्षण हेतु मूल रूप से इस 'कालीबंगा संग्रहालय' की स्थापना भारत सरकार द्वारा किस वर्ष की गई थी?
सही उत्तर: (c)
व्याख्या:
कालीबंगा से प्राप्त पुरावशेषों के संरक्षण हेतु भारत सरकार द्वारा 1985-86 में हनुमानगढ़ में 'कालीबंगा संग्रहालय' की स्थापना की गई थी।
प्र. 17: नीचे दो कथन दिए गए हैं, एक को अभिकथन (A) और दूसरे को कारण (R) कहा गया है:
अभिकथन (A): इतिहासकार के. यू. आर. कैनेडी के अनुसार कालीबंगा सभ्यता के पतन का कारण कोई संक्रामक रोग या महामारी थी।
कारण (R): कालीबंगा के उत्खनन से प्राप्त एक बालक की खोपड़ी में 6 छिद्र मिले हैं, जिसे कपाल-छेदन (शल्य चिकित्सा - Hydrocephalus) और किसी गंभीर बीमारी का प्राचीनतम प्रमाण माना जाता है।
उपर्युक्त कथनों के आलोक में सही विकल्प का चयन कीजिए:
सही उत्तर: (b)
व्याख्या:
के.यू.आर. कैनेडी ने संक्रामक रोग की बात कही है, परंतु 6 छिद्र वाली खोपड़ी (हाइड्रोसिफेलस - शल्य चिकित्सा) एक अलग पुरातात्विक साक्ष्य है, जो पतन का कारण नहीं बल्कि चिकित्सा विज्ञान का प्रमाण है।
प्र. 18: प्रसिद्ध चीनी यात्री ह्वेनसांग ने अपने यात्रा वृतांत (सी-यू-की) में बैराठ (पारयात्र) की यात्रा का वर्णन किया है। उसने बैराठ में कितने बौद्ध मठों (विहारों) के होने का उल्लेख किया था?
सही उत्तर: (c)
व्याख्या:
ह्वेनसांग (634 ई.) ने बैराठ (पारयात्र) में 8 बौद्ध मठों (विहारों) के होने का उल्लेख किया था।
प्र. 19: गणेश्वर सभ्यता से संबंधित सही तथ्यों वाले कूट का चयन करें:
I. यह 'कृपषवर्णी' (काले व नीले रंग से अलंकृत) मृदभांडों के लिए प्रसिद्ध है।
II. यहाँ से हड़प्पा और मोहनजोदड़ो जैसे सिंधु घाटी के नगरों को तांबे की आपूर्ति की जाती थी।
III. इसके उत्खनन का कार्य मुख्य रूप से वी. एन. मिश्र द्वारा किया गया।
IV. इसे 'पुरातत्व का पुष्कर' भी कहा जाता है।
कूट:
सही उत्तर: (a)
व्याख्या:
कथन III गलत है। गणेश्वर का उत्खनन वी. एन. मिश्र ने नहीं, बल्कि **आर. सी. अग्रवाल** और विजय कुमार ने किया था।
प्र. 20: "अनाज रखने के बड़े मृदभांड जिन्हें स्थानीय भाषा में 'गोरे' व 'कोठे' (या कोठ) कहा जाता था; तथा बिना हत्थे के जलपात्र (जो ईरान के जलपात्रों के समान हैं)" - ये पुरावशेष मुख्य रूप से किस सभ्यता स्थल की विशिष्ट पहचान हैं?
सही उत्तर: (c)
व्याख्या:
'गोरे व कोठे' (अनाज रखने के बड़े बर्तन) और बिना हत्थे के जलपात्र आहड़ सभ्यता की प्रमुख विशेषता हैं।
### **प्रश्न 21 से 40: उत्तर और व्याख्या**
प्र. 21: नीचे दो कथन दिए गए हैं, एक को अभिकथन (A) और दूसरे को कारण (R) कहा गया है:
अभिकथन (A): बैराठ (विराटनगर) मौर्य काल में बौद्ध धर्म का एक प्रमुख और समृद्ध केंद्र था।
कारण (R): यहाँ से प्राप्त अशोक के भाब्रू शिलालेख में 'बुद्ध, धम्म और संघ' (बौद्ध त्रिरत्न) के प्रति अशोक की स्पष्ट आस्था व्यक्त की गई है, और यहाँ एक वृत्ताकार बौद्ध स्तूप के अवशेष भी मिले हैं।
उपर्युक्त कथनों के आलोक में सही विकल्प का चयन कीजिए:
सही उत्तर: (a)
व्याख्या:
बैराठ से मिला भाब्रू शिलालेख और वृत्ताकार बौद्ध स्तूप ही इसे मौर्यकालीन बौद्ध धर्म का प्रमुख केंद्र प्रमाणित करते हैं।
प्र. 22: सूची-I (पुरातात्विक प्राप्तियां) को सूची-II (संबंधित सभ्यता स्थल) के साथ सुमेलित कीजिए और नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:
सूची-I
A. सात अग्नि वेदिकाएं (हवन कुंड)
B. बिना हत्थे के छोटे जलपात्र
C. शंख लिपि के प्रमाण
D. पत्थर के बांध (चेक डैम) के साक्ष्य
सूची-II
I. गणेश्वर
II. बैराठ
III. आहड़
IV. कालीबंगा
कूट:
सही उत्तर: (a)
व्याख्या:
अग्नि वेदिकाएं (कालीबंगा), बिना हत्थे के जलपात्र (आहड़), शंख लिपि (बैराठ), पत्थर के बांध (गणेश्वर)।
प्र. 23: कालीबंगा सभ्यता की नगर-नियोजन प्रणाली के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन सा कथन गलत (असत्य) है?
सही उत्तर: (c)
व्याख्या:
यह असत्य है। कालीबंगा में भवन निर्माण हेतु **कच्ची ईंटों** (धूप में सुखाई गई) का प्रयोग हुआ था (दीन-हीन बस्ती)। पक्की ईंटें केवल नालियों और कुओं में इस्तेमाल हुईं।
प्र. 24: 'काले व लाल रंग के मृदभांड' (Black and Red Ware - BRW), जिन्हें पकाने के लिए 'उल्टी तपाई विधि' (Inverted Firing Technique) का प्रयोग किया जाता था, मुख्य रूप से राजस्थान की किस सभ्यता की विशिष्ट पहचान माने जाते हैं?
सही उत्तर: (b)
व्याख्या:
लाल-काले मृदभांड (BRW) और 'उल्टी तपाई विधि' आहड़वासियों की बर्तन पकाने की विशिष्ट तकनीक थी।
प्र. 25: वर्ष 2025-26 में राजस्थान सरकार के 'पुरातत्व संरक्षण मिशन' के अंतर्गत कांतली नदी बेसिन का ड्रोन मैपिंग (Drone Mapping) द्वारा सर्वेक्षण करवाया गया है। इस बेसिन में पनपी 'गणेश्वर सभ्यता' के उत्खननकर्ता निम्नलिखित में से कौन सुमेलित नहीं हैं?
सही उत्तर: (b)
व्याख्या:
वी. एन. मिश्र का संबंध बागोर और बालाथल के उत्खनन से है, गणेश्वर से नहीं। गणेश्वर से आर. सी. अग्रवाल और विजय कुमार जुड़े थे।
प्र. 26: बैराठ सभ्यता के पतन एवं विनाश के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
I. इतिहासकार दयाराम साहनी के अनुसार, हूण शासक मिहिरकुल ने बैराठ पर आक्रमण कर बौद्ध विहारों और स्तूपों को नष्ट कर दिया था।
II. यहाँ से प्राप्त चित्रित धूसर मृदभांड (PGW) यह दर्शाते हैं कि यह स्थल महाभारत काल के बाद पूरी तरह से वीरान हो गया था।
III. चीनी यात्री ह्वेनसांग ने 634 ई. में बैराठ की यात्रा के दौरान इसे एक उजड़ा हुआ और पतनशील नगर बताया था।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
सही उत्तर: (c)
व्याख्या:
कथन II गलत है। चित्रित धूसर मृदभांड (PGW) वीरान होने का नहीं, बल्कि महाभारत काल/लौह युग में यहाँ मानव बसावट के निरंतर होने का प्रमाण हैं।
प्र. 27: "यह स्थल पूर्व-हड़प्पाकालीन और हड़प्पाकालीन दोनों संस्कृतियों के अवशेष प्रस्तुत करता है। यहाँ से एक पल्ले वाले किवाड़, ऊंट की अस्थियाँ, और बेलनाकार मुहरें (मेसोपोटामिया के समान) प्राप्त हुई हैं।"
यह विवरण निम्नलिखित में से किस सभ्यता स्थल से संबंधित है?
सही उत्तर: (c)
व्याख्या:
कालीबंगा में पूर्व-हड़प्पाकालीन और हड़प्पाकालीन दोनों स्तर मिले हैं, साथ ही ऊंट की हड्डियाँ और बेलनाकार मुहरें भी यहीं से प्राप्त हुई हैं।
प्र. 28: निम्नलिखित में से कौन सा युग्म (सभ्यता - उत्खननकर्ता/खोजकर्ता) सही सुमेलित नहीं है?
सही उत्तर: (c)
व्याख्या:
डॉ. लेशनिक का संबंध गणेश्वर से नहीं है; गणेश्वर की खोज और उत्खनन आर.सी. अग्रवाल ने किया था।
प्र. 29: राजस्थान की प्राचीन सभ्यताओं को उनके उपयोग में लाई गई प्रमुख धातुओं/प्रौद्योगिकी (प्राचीनतम से नवीनतम) के आधार पर कालक्रमानुसार व्यवस्थित करें:
सही उत्तर: (d)
व्याख्या:
धातुओं के कालक्रम के अनुसार यही सबसे सटीक क्रम है (यद्यपि आहड़ ताम्र-पाषाणिक है, पर इसका कालखंड कालीबंगा के बाद का माना जाता है)।
प्र. 30: निम्नलिखित में से कौन सा समूह 'कालीबंगा सभ्यता' से प्राप्त पुरातात्विक साक्ष्यों का सही प्रतिनिधित्व करता है?
सही उत्तर: (c)
व्याख्या:
ये तीनों विशिष्ट साक्ष्य कालीबंगा से संबंधित हैं।
प्र. 31: नीचे दो कथन दिए गए हैं, एक को अभिकथन (A) और दूसरे को कारण (R) कहा गया है:
अभिकथन (A): कालीबंगा सभ्यता का पतन अचानक किसी विदेशी आक्रमण के कारण नहीं, बल्कि प्राकृतिक कारणों से हुआ था।
कारण (R): भूगर्भीय परिवर्तनों (टेक्टोनिक हलचलों) के कारण सरस्वती (घग्गर) नदी के मार्ग में परिवर्तन और उसका सूखना इस सभ्यता के पतन का सबसे प्रमुख कारण माना जाता है।
उपर्युक्त कथनों के आलोक में सही विकल्प का चयन कीजिए:
सही उत्तर: (a)
व्याख्या:
इतिहासकार अमलानंद घोष और अन्य विद्वान यह मानते हैं कि सरस्वती (घग्गर) नदी का मार्ग बदलना और सूखना ही कालीबंगा के पतन का सबसे बड़ा कारण था।
प्र. 32: हाल ही में (फरवरी 2026) 'राजस्थान प्राच्य विद्या प्रतिष्ठान' द्वारा बैराठ से प्राप्त 'भाब्रू शिलालेख' (वर्तमान में कोलकाता संग्रहालय में सुरक्षित) के डिजिटल लिप्यंतरण का कार्य पूर्ण किया गया है। मूल रूप से इस शिलालेख की लिपि और भाषा क्रमशः क्या थी?
सही उत्तर: (c)
व्याख्या:
अशोक का भाब्रू शिलालेख ब्राह्मी लिपि और तत्कालीन प्राकृत भाषा में उत्कीर्ण है।
प्र. 33: आहड़ सभ्यता की अर्थव्यवस्था और जीवन-यापन के संबंध में कौन सा कथन गलत (असत्य) है?
सही उत्तर: (c)
व्याख्या:
यह कथन गलत है। आहड़ एक ताम्र-पाषाणिक सभ्यता अवश्य है, लेकिन इसके उत्खनन के **ऊपरी स्तरों (Later phases)** से लोहे के उपकरण भी प्राप्त हुए हैं।
प्र. 34: गणेश्वर सभ्यता के संबंध में दिए गए निम्नलिखित कथनों को पढ़ें और सही कूट का चयन करें:
I. यहाँ से 'कृपषवर्णी मृदभांड' (Ochre Coloured Pottery - OCP) प्राप्त हुए हैं, जो काले और नीले रंग से अलंकृत हैं।
II. इस स्थल से प्राप्त तांबे के उपकरणों में टिन (Tin) का भारी मात्रा में मिश्रण पाया गया है, जो इसे उत्कृष्ट कांस्य युग में रखता है।
III. यहाँ के निवासी शाकाहारी और मांसाहारी दोनों थे, जिसका प्रमाण यहाँ से प्राप्त मछली पकड़ने के कांटे और विभिन्न पशुओं की अस्थियाँ हैं।
कूट:
सही उत्तर: (b)
व्याख्या:
कथन II गलत है। गणेश्वर में प्राप्त तांबे के उपकरणों में टिन का मिश्रण नहीं था, बल्कि वह 99% शुद्ध तांबा था।
प्र. 35: प्राचीन सभ्यताओं और उनके समीप बहने वाली नदियों के युग्मों में से कौन सा सुमेलित नहीं है?
सही उत्तर: (d)
व्याख्या:
यह गलत सुमेलित है। गणेश्वर सभ्यता कांतली नदी के किनारे (खंडेला की पहाड़ियों के पास) विकसित हुई थी।
प्र. 36: "यहाँ के निवासी अपने मृतकों को गाड़ते (दफनाते) थे, और शव के सिर को उत्तर दिशा की ओर तथा पैरों को दक्षिण दिशा की ओर रखा जाता था। साथ ही कब्र में मिट्टी के बर्तन और आभूषण भी रखे जाते थे, जो पुनर्जन्म में उनके विश्वास को दर्शाता है।"
यह अंत्येष्टि प्रथा मुख्य रूप से किस सभ्यता में पाई गई है?
सही उत्तर: (b)
व्याख्या:
आहड़ में शवों को आभूषणों और कपड़ों के साथ उत्तर-दक्षिण दिशा (सिर उत्तर, पैर दक्षिण) में दफनाने की प्रथा थी।
प्र. 37: बैराठ (विराटनगर) की पहाड़ियों के संदर्भ में सही युग्मों को पहचानिये। निम्नलिखित में से किस पहाड़ी का संबंध बैराठ के पुरातात्विक उत्खनन से नहीं है?
सही उत्तर: (d)
व्याख्या:
सील की डूंगरी चाकसू (जयपुर) में स्थित है जहाँ शीतला माता का मंदिर है, इसका बैराठ के उत्खनन से कोई संबंध नहीं है।
प्र. 38: कालीबंगा के उत्खनन के दौरान प्राप्त एक कपाल (खोपड़ी) में 6 छिद्र पाए गए हैं। विज्ञान और चिकित्सा के दृष्टिकोण से इसे प्राचीन भारत में किस रोग के उपचार का प्रमाण माना गया है?
सही उत्तर: (b)
व्याख्या:
6 छिद्र वाली खोपड़ी को हाइड्रोसिफेलस (मस्तिष्क में पानी भरना) बीमारी के इलाज (कपाल-छेदन शल्य चिकित्सा) का प्राचीनतम प्रमाण माना जाता है।
प्र. 39: सूची-I (सभ्यताओं के स्थानीय/विशिष्ट नाम) को सूची-II (सभ्यता) से सुमेलित कीजिए:
सूची-I
A. ताम्र संचयी संस्कृति
B. धूलकोट / आघाटपुर
C. पारयात्र (ह्वेनसांग के अनुसार)
D. कांस्य युगीन नगरीय सभ्यता
सूची-II
I. आहड़
II. कालीबंगा
III. गणेश्वर
IV. बैराठ
कूट:
सही उत्तर: (a)
व्याख्या:
ताम्र संचयी (गणेश्वर), धूलकोट (आहड़), पारयात्र (बैराठ - ह्वेनसांग के अनुसार), कांस्य युगीन नगरीय (कालीबंगा)।
प्र. 40: हाल ही में राजस्थान के इतिहास पाठ्यक्रम (2026 अद्यतन) में 'प्राचीन सभ्यताओं के पारिस्थितिक तंत्र' को जोड़ा गया है। इस संदर्भ में, कालीबंगा के कृषकों द्वारा एक ही खेत में एक साथ दो फसलें (मुख्यतः चना और सरसों) उगाने की पद्धति को क्या कहा जाता है, जिसके साक्ष्य वहाँ से प्राप्त हुए हैं?
सही उत्तर: (b)
व्याख्या:
एक ही खेत में आड़ी और तिरछी जुताई करके दो फसलें (चना और सरसों) एक साथ उगाने की पद्धति को 'मिश्रित फसल पद्धति' कहा जाता है।
### **प्रश्न 41 से 60: उत्तर और व्याख्या**
प्र. 41: नीचे दो कथन दिए गए हैं, एक को अभिकथन (A) और दूसरे को कारण (R) कहा गया है:
अभिकथन (A): कालीबंगा की लिपि (सैंधव लिपि) को अब तक पूर्ण रूप से प्रामाणिक तौर पर पढ़ा नहीं जा सका है।
कारण (R): यहाँ की लिपि 'बौस्ट्रोफेडॉन' (Boustrophedon) शैली में लिखी गई है, जिसमें पहली पंक्ति दाईं से बाईं ओर और दूसरी पंक्ति बाईं से दाईं ओर लिखी जाती थी।
उपर्युक्त कथनों के आलोक में सही विकल्प का चयन कीजिए:
सही उत्तर: (a)
व्याख्या:
बौस्ट्रोफेडॉन (Boustrophedon) एक सर्पिलाकार लिपि है (दाएं से बाएं, फिर बाएं से दाएं), जिसे आज तक पढ़ा नहीं जा सका है।
प्र. 42: राजस्थान की प्रमुख पुरातात्विक सभ्यताओं के स्वतंत्रता के पश्चात् हुए 'प्रथम व्यवस्थित उत्खनन/खोज' के वर्षों के आधार पर उन्हें कालक्रमानुसार (प्राचीनतम से नवीनतम खोज वर्ष के अनुसार) व्यवस्थित करें:
सही उत्तर: (a)
व्याख्या:
स्वतंत्रता के बाद प्रथम व्यवस्थित खोज/उत्खनन: कालीबंगा (1951-52), आहड़ (1953), बैराठ का पुनः उत्खनन (1962-63), और गणेश्वर (1977)।
प्र. 43: गणेश्वर सभ्यता के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन सा कथन असत्य है?
सही उत्तर: (c)
व्याख्या:
गणेश्वर एक ग्रामीण/अर्ध-नगरीय ताम्रयुगीन सभ्यता थी जहाँ मकान पत्थरों से बने थे, पक्की ईंटों के बहुमंजिला भवन नहीं थे।
प्र. 44: सूची-I (विशिष्ट पुरातात्विक प्राप्तियां) को सूची-II (सभ्यता स्थल) के साथ सुमेलित कीजिए:
सूची-I
A. सूती कपड़े में लिपटी हुई 36 चांदी की मुद्राएं
B. मेसोपोटामिया की बेलनाकार मुहरें
C. टेराकोटा वृषभ (बनासियन बुल)
D. पत्थर के मकान एवं पत्थर के बांध
सूची-II
I. आहड़
II. गणेश्वर
III. कालीबंगा
IV. बैराठ
कूट:
सही उत्तर: (a)
व्याख्या:
36 मुद्राएं (बैराठ), बेलनाकार मुहरें (कालीबंगा), टेराकोटा वृषभ (आहड़), पत्थर के मकान/बांध (गणेश्वर)।
प्र. 45: बैराठ सभ्यता के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
I. प्राचीन काल में यह मत्स्य जनपद की राजधानी था, जिसका उल्लेख महाभारत में मिलता है।
II. कैप्टन बर्ट द्वारा 1837 ई. में यहाँ से अशोक का 'भाब्रू शिलालेख' खोजा गया था।
III. यहाँ से लोहे गलाने की भट्ठियों (Iron smelting furnaces) के साक्ष्य प्राप्त हुए हैं।
IV. यहाँ अशोक स्तंभ के गोल और पॉलिशदार पत्थर के टुकड़े मिले हैं।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कूट सही है/हैं?
सही उत्तर: (d)
व्याख्या:
ये चारों कथन बैराठ के संबंध में सत्य हैं। यहाँ से लौह युगीन भट्ठियां (PGW/NBPW काल) और अशोक स्तंभ के पॉलिशदार पत्थर मिले हैं।
प्र. 46: प्रख्यात इतिहासकार डॉ. दशरथ शर्मा ने अपनी पुस्तक 'राजस्थान थ्रू द एजेज' (Rajasthan Through the Ages) में राजस्थान की किस सभ्यता को "सिंधु घाटी साम्राज्य की तीसरी राजधानी" कहकर संबोधित किया है?
सही उत्तर: (b)
व्याख्या:
डॉ. दशरथ शर्मा ने हड़प्पा और मोहनजोदड़ो के बाद कालीबंगा को सिंधु घाटी सभ्यता की तीसरी राजधानी (Third Capital) कहा है।
प्र. 47: "यह एक ताम्र-पाषाणिक स्थल है जहाँ के निवासी मकान बनाने में धूप में सुखाई गई कच्ची ईंटों और प्रचुर मात्रा में पत्थर का प्रयोग करते थे। यहाँ से तांबा गलाने की भट्ठियां मिली हैं तथा गोरे व कोठे नामक अनाज भंडारण के पात्र मिले हैं।"
उपर्युक्त विवरण निम्नलिखित में से किस सभ्यता से संबंधित है?
सही उत्तर: (d)
व्याख्या:
धूप में सुखाई ईंटें, पत्थर का प्रचुर प्रयोग, तांबा गलाने की भट्ठियां और अनाज के कोठे - ये सभी आहड़ की विशेषताएँ हैं।
प्र. 48: निम्नलिखित में से कौन सा युग्म (सभ्यता - उत्खननकर्ता) सुमेलित नहीं है?
सही उत्तर: (d)
व्याख्या:
गणेश्वर का उत्खनन आर.सी. अग्रवाल ने किया था। वी.एस. वाकणकर का संबंध मध्य प्रदेश (भीमबेटका) से है।
प्र. 49: वर्ष 2026 की नवीनतम पुरातात्विक शोध रिपोर्टों के अनुसार, कालीबंगा के अंतर्राष्ट्रीय व्यापारिक संबंधों के पुख्ता प्रमाण क्या माने जाते हैं?
I. यहाँ से प्राप्त मेसोपोटामिया (वर्तमान इराक) शैली की बेलनाकार मुहरें।
II. अफगानिस्तान क्षेत्र से प्राप्त होने वाले 'लाजवर्द मणि' (Lapis Lazuli) के मनके।
III. रोमन साम्राज्य के 'एम्फोरा' (शराब के पात्र) की प्राप्ति।
सही कूट का चयन कीजिए:
सही उत्तर: (b)
व्याख्या:
मेसोपोटामिया की मुहरें और लाजवर्द मणि (Lapis Lazuli) विदेशी व्यापार को दर्शाते हैं। रोमन 'एम्फोरा' भीनमाल (जालौर) से मिला है, कालीबंगा से नहीं।
प्र. 50: 'नेशनल रिमोट सेंसिंग सेंटर' (NRSC) और राजस्थान सरकार के 2025-26 के संयुक्त प्रोजेक्ट 'सरस्वती नदी पैलियो-चैनल मैपिंग' के तहत किस सभ्यता के विलुप्त नदी मार्ग का 3D उपग्रह चित्रण किया जा रहा है?
सही उत्तर: (d)
व्याख्या:
कालीबंगा घग्गर (सरस्वती) नदी के पेटे में स्थित है, और इसरो/NRSC इसी विलुप्त सरस्वती नदी का पैलियो-चैनल मैप तैयार कर रहे हैं।
प्र. 51: नीचे दो कथन दिए गए हैं, एक को अभिकथन (A) और दूसरे को कारण (R) कहा गया है:
अभिकथन (A): गणेश्वर को हड़प्पा और मोहनजोदड़ो जैसी विकसित सिंधु घाटी सभ्यताओं को तांबे का निर्यात करने वाला प्रमुख केंद्र माना जाता है।
कारण (R): गणेश्वर भौगोलिक रूप से अरावली की खेतड़ी ताम्र पट्टी (नीम का थाना) के समीप स्थित है, जहाँ प्राचीन काल से ही तांबे के प्रचुर भंडार मौजूद रहे हैं।
उपर्युक्त कथनों के आलोक में सही विकल्प का चयन कीजिए:
सही उत्तर: (a)
व्याख्या:
खेतड़ी (नीम का थाना) के समीप होने के कारण ही गणेश्वर तांबे का उत्पादन कर सिंधु सभ्यता के नगरों को निर्यात करने में सक्षम था।
प्र. 52: निम्नलिखित में से कौन सा समूह 'आहड़-बनास संस्कृति' के विस्तार क्षेत्र (उप-केंद्रों) में सम्मिलित है?
सही उत्तर: (a)
व्याख्या:
ये सभी स्थल मेवाड़ क्षेत्र में हैं और आहड़-बनास ताम्र-पाषाणिक संस्कृति के प्रमुख उप-केंद्र माने जाते हैं।
प्र. 53: 634 ई. में किस चीनी यात्री ने बैराठ की यात्रा की तथा अपनी पुस्तक में इस स्थान का नाम 'पारयात्र' (Po-li-ye-to-lo) बताया और यहाँ 8 बौद्ध विहारों के होने का उल्लेख किया?
सही उत्तर: (c)
व्याख्या:
ह्वेनसांग ने 634 ई. में बैराठ की यात्रा की और इसका वर्णन अपनी पुस्तक 'सी-यू-की' में किया।
प्र. 54: सूची-I को सूची-II के साथ सुमेलित कीजिए और सही कूट चुनिए:
सूची-I
A. 'कालीबंगा का शाब्दिक अर्थ काले रंग की चूड़ियाँ है'
B. 'आहड़ को ताम्रवती नगरी कहा जाता था'
C. 'बैराठ में मिनांडर की 16 यूनानी मुद्राएं मिली हैं'
D. 'गणेश्वर में तांबे के उपकरणों में 99% शुद्धता है'
सूची-II
I. नीलरत्न बनर्जी का उत्खनन निष्कर्ष
II. रतन चंद्र अग्रवाल का शोध
III. अमलानंद घोष व बी.बी. लाल की रिपोर्ट
IV. एच. डी. सांकलिया व ए. के. व्यास का उत्खनन
कूट:
सही उत्तर: (a)
व्याख्या:
कालीबंगा रिपोर्ट (घोष/लाल), आहड़ उत्खनन (सांकलिया/व्यास), बैराठ (नीलरत्न बनर्जी), गणेश्वर (आर.सी. अग्रवाल)।
प्र. 55: कालीबंगा सभ्यता के संबंध में कौन सा कथन गलत (असत्य) है?
सही उत्तर: (b)
व्याख्या:
यह असत्य है। कालीबंगा कांस्य युगीन सभ्यता थी, वे लोहे से पूर्णतः अपरिचित थे। वे लकड़ी के हल का प्रयोग करते थे।
प्र. 56: आहड़ सभ्यता के लोगों के जीवन-यापन के संबंध में निम्नलिखित कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
I. वे मुख्य रूप से चावल (धान) की खेती से भली-भांति परिचित थे।
II. यद्यपि यह एक ताम्र-पाषाणिक सभ्यता है, परंतु उत्खनन के ऊपरी स्तरों से लोहे के उपकरण भी प्राप्त हुए हैं।
III. यहाँ से लाल-काले मृदभांड (BRW) भारी मात्रा में मिले हैं।
कूट:
सही उत्तर: (d)
व्याख्या:
आहड़वासी चावल से परिचित थे, ऊपरी स्तर से लोहा मिला है, और काले-लाल मृदभांड (BRW) यहाँ की पहचान हैं।
प्र. 57: खंडेला की पहाड़ियों से निकलने वाली नदी के उद्गम स्थल पर स्थित वह सभ्यता कौन सी है, जहाँ से बड़ी मात्रा में सूक्ष्म पाषाण उपकरण (Microliths) और ताम्र उपकरण दोनों एक साथ प्राप्त हुए हैं?
सही उत्तर: (c)
व्याख्या:
खंडेला की पहाड़ियों से कांतली नदी निकलती है, जिसके उद्गम पर गणेश्वर स्थित है। यहाँ से सूक्ष्म पाषाण (Microliths) और ताम्र उपकरण दोनों मिले हैं।
प्र. 58: वर्ष 2023-2026 के नए प्रशासनिक जिला पुनर्गठन के आधार पर सही युग्मों को पहचानिये। निम्नलिखित में से कौन सा युग्म सुमेलित नहीं है?
सही उत्तर: (d)
व्याख्या:
यह गलत है। नए ज़िलों के गठन के बाद भी आहड़ सभ्यता 'उदयपुर' ज़िले के ही अंतर्गत आती है, सलूम्बर में नहीं।
प्र. 59: "नगर के परकोटे और मकानों की दीवारों में पड़ी गहरी दरारें (Cracks)" - यह पुरातात्विक साक्ष्य किस बात का प्राचीनतम प्रमाण माना जाता है, जो केवल कालीबंगा में देखने को मिलता है?
सही उत्तर: (c)
व्याख्या:
कालीबंगा में दीवारों में दरारें विश्व में भूकंप (Earthquake) के प्राचीनतम पुरातात्विक साक्ष्य मानी जाती हैं।
प्र. 60: नीचे दो कथन दिए गए हैं, एक को अभिकथन (A) और दूसरे को कारण (R) कहा गया है:
अभिकथन (A): बैराठ से इंडो-ग्रीक (हिन्द-यवन) राजा मिनांडर की 16 चांदी की मुद्राएं प्राप्त हुई हैं।
कारण (R): मिनांडर ने मौर्य साम्राज्य का पतन होने के बाद बैराठ पर पूर्ण अधिकार कर लिया था और इसे अपनी राजधानी बनाया था।
उपर्युक्त कथनों के आलोक में सही विकल्प का चयन कीजिए:
सही उत्तर: (c)
व्याख्या:
मिनांडर की मुद्राएं अवश्य मिली हैं, परंतु मिनांडर ने बैराठ को अपनी राजधानी नहीं बनाया था (उसकी राजधानी साकल/सियालकोट थी)।
### **प्रश्न 61 से 75: उत्तर और व्याख्या**
प्र. 61: बैराठ सभ्यता से प्राप्त मौर्यकालीन वृत्ताकार बौद्ध स्तूप के विषय में निम्नलिखित में से कौन सा कथन असत्य है?
सही उत्तर: (d)
व्याख्या:
यह कथन असत्य है। बैराठ का स्तूप हीनयान संप्रदाय का था, जहाँ बुद्ध की मूर्ति पूजा नहीं होती थी। यह साधारण ईंटों और लकड़ी का बना था, इसमें गांधार शैली की मूर्तियां नहीं थीं।
प्र. 62: सूची-I (पुरातात्विक शब्दावली) को सूची-II (संबंधित सभ्यता) के साथ सुमेलित कीजिए और नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:
सूची-I
A. गोरे व कोठे (अनाज भंडारण पात्र)
B. बौस्ट्रोफेडॉन (लिपि शैली)
C. कपिषवर्णी (OCP) मृदभांड
D. शंख लिपि (रहस्यमयी लिपि)
सूची-II
I. कालीबंगा
II. गणेश्वर
III. बैराठ
IV. आहड़
कूट:
सही उत्तर: (a)
व्याख्या:
गोरे-कोठे (आहड़), बौस्ट्रोफेडॉन (कालीबंगा), कपिषवर्णी-OCP (गणेश्वर), शंख लिपि (बैराठ)।
प्र. 63: नीचे दो कथन दिए गए हैं, एक को अभिकथन (A) और दूसरे को कारण (R) कहा गया है:
अभिकथन (A): कालीबंगा के निवासियों के मेसोपोटामिया (वर्तमान इराक) की सभ्यता के साथ सुदृढ़ व्यापारिक संबंध थे।
कारण (R): कालीबंगा के उत्खनन से बेलनाकार (Cylindrical) मुहरें प्राप्त हुई हैं, जो हूबहू मेसोपोटामिया की मुहरों के समतुल्य हैं।
उपर्युक्त कथनों के आलोक में सही विकल्प का चयन कीजिए:
सही उत्तर: (a)
व्याख्या:
बेलनाकार मुहरें मूल रूप से मेसोपोटामिया की पहचान हैं; इनका कालीबंगा में मिलना व्यापारिक संपर्कों का सीधा और प्रामाणिक सबूत है।
प्र. 64: वर्ष 2026 में अद्यतित पुरातात्विक सर्वेक्षण रिपोर्ट के अनुसार, अरावली की पहाड़ियों में स्थित वह कौन सा ताम्रयुगीन स्थल है, जहाँ से प्राप्त तांबे के बाणाग्र (Arrowheads) में एक विशेष प्रकार का 'बार्ब' (पीछे की ओर मुड़ा हुआ कांटा) लगा होता था, जिससे शिकार के शरीर से तीर आसानी से बाहर न निकल सके?
सही उत्तर: (c)
व्याख्या:
कांटेदार (Barbed) बाणाग्र गणेश्वर की एक विशिष्ट तकनीक थी, जो शिकार को घायल कर पकड़ने में मदद करती थी।
प्र. 65: कालीबंगा में शवाधान (अंत्येष्टि) की पद्धतियों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
I. यहाँ से अंडाकार (आयताकार) गड्ढे में शवाधान के प्रमाण मिले हैं, जिसमें शव का सिर उत्तर की ओर होता था।
II. यहाँ प्रतीकात्मक शवाधान के साक्ष्य भी प्राप्त हुए हैं, जहाँ कब्र में कंकाल नहीं बल्कि केवल आभूषण और मिट्टी के बर्तन दफनाए गए हैं।
III. यहाँ से वृत्ताकार गड्ढे में 'कलश शवाधान' (Urn Burial) की प्रथा के प्रमाण भी मिले हैं।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
सही उत्तर: (d)
व्याख्या:
कालीबंगा में शवाधान की तीनों पद्धतियां (पूर्ण शवाधान, आंशिक/प्रतीकात्मक, और कलश शवाधान) प्रचलित थीं।
प्र. 66: निम्नलिखित में से कौन सा ताम्र-पाषाणिक स्थल 'आहड़-बनास संस्कृति' के व्यापक भौगोलिक प्रभाव क्षेत्र का हिस्सा नहीं माना जाता है?
सही उत्तर: (c)
व्याख्या:
जोधपुरा (कोटपूतली-बहरोड़) साबी नदी के किनारे स्थित है और इसका संबंध 'आहड़-बनास संस्कृति' से नहीं है। यह एक अलग ताम्र और लौह युगीन स्थल है।
प्र. 67: अशोक के 'भाब्रू शिलालेख' (बैराठ) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों में से कौन सा कथन सही है?
I. यह शिलालेख ब्राह्मी लिपि और प्राकृत भाषा में उत्कीर्ण है।
II. इस शिलालेख में अशोक को स्पष्ट रूप से 'मगध का राजा' (पियदसी लाजा मागधे) कहा गया है।
III. इसमें अशोक द्वारा सात बौद्ध ग्रन्थों (सुत्तों) के अध्ययन का निर्देश दिया गया है।
कूट:
सही उत्तर: (d)
व्याख्या:
भाब्रू शिलालेख (प्राकृत/ब्राह्मी) में अशोक खुद को 'पियदसी लाजा मागधे' (मगध का राजा) कहता है और भिक्षुओं को 7 बौद्ध ग्रंथों के अध्ययन का निर्देश देता है।
प्र. 68: राजस्थान की किस प्राचीन सभ्यता के उत्खनन परतों (Stratigraphy) से यह स्पष्ट प्रमाण मिलता है कि यह बस्ती अपने अस्तित्व काल में लगभग 6 से 8 बार पूर्णतः उजड़ी और पुनः उसी स्थान पर बसाई गई?
सही उत्तर: (b)
व्याख्या:
आहड़ के उत्खनन से यह स्पष्ट होता है कि यह बस्ती आयड़ नदी की बाढ़ के कारण कम से कम 6 बार उजड़ी और पुनः उसी टीले पर बसाई गई।
प्र. 69: कालीबंगा से प्राप्त 'अग्नि वेदिकाओं' (हवन कुंडों) के संदर्भ में कौन सा कूट सत्य है?
I. ये अग्नि वेदिकाएं दुर्ग क्षेत्र (गढी) के भीतर एक सार्वजनिक मिट्टी के चबूतरे पर प्राप्त हुई हैं।
II. इनके अंदर से राख, कोयला और पशुओं की हड्डियाँ प्राप्त हुई हैं, जो पशु बलि प्रथा का संकेत देती हैं।
III. ये वेदिकाएं आयताकार हैं और एक ही पंक्ति में 7 की संख्या में निर्मित हैं।
कूट:
सही उत्तर: (d)
व्याख्या:
कालीबंगा के दुर्ग क्षेत्र (KLB-1) में एक चबूतरे पर 7 आयताकार हवन कुंड (अग्नि वेदिकाएं) मिली हैं, जिनमें राख और पशुओं की हड्डियाँ हैं।
प्र. 70: गणेश्वर सभ्यता की वास्तुकला और नगर नियोजन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन गलत (असत्य) है?
सही उत्तर: (d)
व्याख्या:
गणेश्वर में खपरैल (Tiles) के साक्ष्य नहीं मिले हैं। मकानों की छतें संभवतः लकड़ी, बांस और मिट्टी से बनाई जाती थीं।
प्र. 71: बैराठ की 'बीजक की पहाड़ी' से कपड़े में बंधी हुई जो 36 मुद्राएं प्राप्त हुई हैं, उनका सही ऐतिहासिक वर्गीकरण निम्नलिखित में से क्या है?
सही उत्तर: (b)
व्याख्या:
बैराठ से मिली 36 मुद्राओं का यही सही विभाजन है (जिन 28 इंडो-ग्रीक मुद्राओं में से 16 राजा मिनांडर की हैं)।
प्र. 72: हाल ही में (2025-26) राजस्थान राज्य पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग द्वारा 'हेरिटेज सर्किट' योजना के तहत 'धूलकोट' के टीले का जीर्णोद्धार और वहां एक 'ओपन-एयर म्यूजियम' (खुला संग्रहालय) बनाने की घोषणा की गई है। यह धूलकोट का टीला किस प्राचीन सभ्यता का मुख्य केंद्र है?
सही उत्तर: (c)
व्याख्या:
आहड़ के टीले को स्थानीय भाषा में 'धूलकोट' (Dust Fort / Sand Mound) कहा जाता है।
प्र. 73: कालीबंगा की नगर योजना में 'जल निकासी प्रणाली' (Drainage System) के बारे में कौन सा/से कथन सत्य है/हैं?
I. यहाँ के नगरों में पक्की ईंटों से बनी नालियों के अवशेष मिले हैं जो गंदे पानी को नगर से बाहर ले जाती थीं।
II. सड़कों के किनारे पेड़ के तनों को खोखला करके बनाई गई लकड़ी की नालियों (Wooden Drains) के विश्व में अनूठे साक्ष्य केवल यहीं से मिले हैं।
III. घरों का गंदा पानी सड़क की मुख्य नाली में सोखता-गड्ढों (Soak-pits) के माध्यम से गिरता था।
कूट:
सही उत्तर: (d)
व्याख्या:
कालीबंगा में पक्की ईंटों की नालियां, विश्व की एकमात्र लकड़ी की नालियां, और घरों के बाहर सोख्ता-गड्ढे (Soak-pits) तीनों साक्ष्य प्राप्त हुए हैं।
प्र. 74: प्रख्यात इतिहासकार डॉ. गोपीनाथ शर्मा के अनुसार 'आहड़ संस्कृति' (ताम्र-पाषाण काल) का सर्वाधिक समृद्ध और उन्नत कालक्रम (Chronology) क्या माना गया है?
सही उत्तर: (c)
व्याख्या:
गोपीनाथ शर्मा और कार्बन-14 डेटिंग के आधार पर आहड़ सभ्यता का मुख्य समृद्ध काल 1900 BC से 1200 BC माना जाता है।
प्र. 75: सूची-I (विशिष्ट पुरातात्विक साक्ष्य) को सूची-II (संबंधित सभ्यता) के साथ सुमेलित कीजिए:
सूची-I
A. लकड़ी की नाली
B. यूनानी देवता अपोलो का चित्र अंकित सिक्का
C. स्वर्ण मंजूषा (बौद्ध कलश)
D. कांटेदार (बार्ब युक्त) ताम्र बाणाग्र
सूची-II
I. आहड़
II. कालीबंगा
III. गणेश्वर
IV. बैराठ
कूट:
सही उत्तर: (c)
व्याख्या:
लकड़ी की नाली (कालीबंगा), यूनानी देवता अपोलो का सिक्का (आहड़ से एक मुद्रा मिली है जिस पर अपोलो अंकित है), स्वर्ण मंजूषा (बैराठ), कांटेदार बाणाग्र (गणेश्वर)।
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